Wednesday, June 30, 2010

फिर उमड़ेंगे जज्बात


दूर कहीं से उड़ती-उड़ती एक खबर आई है, खबर कुछ यह है कि क्रिकेट के दो सरताज, फिर जल्द आमने-सामने होंगे। ये सरताज हैं दो पड़ोसी या कहें कि दो जॉनी दुश्मन, जो न सिर्फ बॉर्डर पर एक दूसरे की जान के दुश्मन हैं , बल्कि क्रिकेट के मैदान पर भी इनकी भावनाएं उबाल मारती हैं। ये दोनों एक बार फिर मैदान पर होंगी। इस खबर से हालांकि क्रिकेट के प्रशंसकों को काफी खुशी मिलेगी, लेकिन उन लोगों को दु:ख मिलेगा जो ऐसा नहीं चाहते हैं। हम दोनों की दोस्ती की बातें करते हैं, लेकिन शेर के मुंह में हाथ डालने जैसा है, क्योेंकि दोनों देशों में अब न तो सीमाओं के मुद्दे पर कोई समझौता हो सकता है और न ही खेल के मैदान में कोई दोस्ती। यह सब छलावे हैं , हां इतना जरूर रहेगा कि इन दोनों के क्रिकेट खेलने से मार्केट में पैसे की कमाई बढ़ जाएगी। सट्टा बाजार गर्म हो जाएगा। फिलहाल राजनीति की बात न करें तो बेहतर ही होगा, क्योंकि यहां उसी का बोलबाला रहेगा, हम उस मैदान पर उतरते हैं, सामने है हमारे धोनी की ब्लू ब्रिगेड, और उनका मैच है शाहिद अफरीदी की टीम से। एक दम फंसा हुआ मैच। करो या मरो के समान। मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ है। हर तरफ देश प्रेम का सैलाब उमड़ता दिखाई दे रहा है, खेल के प्रति लोगों की दीवानगी चरम पर नजर आ रही है, दर्शकों का मन झूम रहा है, आज खेल कोई आम खेल नहीं है, बल्कि यह खेल कर्मयुद्ध है, अगर दोनों टीमें आमने सामने हैं, मगर दर्शकों के जेहन में यही चल रहा है, कि तीन लड़ाइयां तो हमने इन्हें हरा दी है, पर ये सुधरे नहीं, अब एक बार फिर खेल के मैदान में इन्हें पटकनी दे दी जाए। शोएब अख्तर सोच रहे हैं कि आज तो तीन चार को घायल किए बिना छोड़ूंगा नहीं, वहीं सहवाग उतावला होए जा रहा है कि आज फोड़ कर रख दूंगा। चौके-छक्कों की बारिश कर दूंगा। सचिन पर सभी की निगाहें हैं, प्लानिंग उनके ईद-गिर्द ही घूम रही है, शाहिद ने अपनी तूफानी शॉट अगर बचाकर रखे हैं तो वह टीम इंडिया के लिए। आज तो दिखा देगा कि जब सबसे तेज शतक मारने की बात हो तो मुझे अफरीदी कहते हैं, जब मेरा बल्ला बोलता है तो आग उगलता है। ऐसे में बेचारी बॉल के साथ बार-बार बलात्कार किया जाएगा। मगर वह न तो हिंदुस्तान से बोलेगी और न ही पाकिस्तान से, क्योंकि दोनों ही ओर कट्टर दुश्मन लड़ रहे हैं, सांड-सांड की लड़ाई में बागड़ का नुकसान तो होना ही है, और वही हाल बॉल का भी हो रहा है। अब क्या था सिक्का हवा में उछला और धोनी के पक्ष में गिरा, अब माही की मुस्कान बाहर आ गई, उन्होंने सोच लिया, चलो यहां तो हमने अपना दावा ठोंक ही दिया है। उन्होंने पहले बल्ला उठाने की बात कही। शाहिद ने कहा, वहीं रौंदकर रख देंगे। इधर सचिन और सहवाग ओपनिंग करने उतरे। उधर से शोएब अख्तर बॉलिंग कर रहे हैं। दर्शक पहली बाल पर सांसें रोकें बैठ गए। उधर शोएब ने पहली गेंद डाली, 150 के ऊपर। सहवाग को समझ नहीं आई। इस पर सहवाग ने उनकी तरफ देखा...उनका अंदाज था नहीं दिखाई दे रही क्या। सहवाग को गुस्सा आया, दूसरी गेंद सोएब की 148, इधर सहवाग गेंद को भांंप गए, अब क्या था दूसरी ही गेंद पर छक्का। दर्शकों की फिर से दीवानगी बढ़ गई। इस तरह अगली चार गेंदें सहवाग नहीं देख पाए। एक ओवर छह रन। अगला ओवर सचिन सामना करेंगे, मौसम में नमी थी, और झमाझम बारिश के भी आसार थे। सचिन ने अपनी बेहतरीन शुरुआत और सधी हुई की, दूसरे छोर पर सहवाग आग उगल रहे थे, लाजवाब मैच चल रहा था, कभी इस पटरी तो कभी उस पटरी मैच का रुख दिखाई दे रहा था। लेकिन तभी क्या हुआ कहीं से एक बॉटल आई और बाउंड्री पर खड़े शोएब को पड़ जाती है। फिर क्या ऐसा हंगामा बरपा की क्या कहने, मैच तो एक तरफ हो गया, एंपायर इस विवाद में ही उलझ गए। मैच जो शानदार होने वाला था उसका कबाड़ा हो गया। बस इसी बात का डर है, क्योंकि दोनों देशों में मैच करवाने के हालात पैदा करने में सालों लग जाते हैं और एक गलती फिर सालों साल दोनों के बीच मैच बंद करवा देती है। इसलिए जब बात आई है कि दोनों देशों में फिर से मैच होंगे तो फिर सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए, जिससे मैच के लिए खुला रास्ता पुन: बंद हो जाए। इसलिए प्लीज मैच देखो इंजॉय करो, हार जीत को भूलों , और खास बात ऐसा कोई भी कार्य मत करो, जिससे कि फिर से मैच बंद हो जाए, क्योंकि मैच देखने वालों के लिए इससे बुरी कोई खबर नहीं होगी। अगर दोनों देशों में मैच चलते रहे तो निश्चय ही हर चार माह में वर्ल्ड कप जीतने जैसी खुशी मिलती रहेगी।

1 comment:

  1. देखिये, क्या होता है..

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