Saturday, July 25, 2009

बारिश की शादी माशा अल्लाह


भाई हमारे प्रिय मित्र की शादी नही हो रही थी

वे दुल्हन के लिए बेताब हुए जा रहे थे. उनकी बेचैनी भाई हमसे देखिनही जा रही थी।

वे बार बार हमसे बोलते यार हमरी उम्र निकली जा रही है , हमारी शादी होगी भी या नही।

हमारे पास सिवाए आशा के और कुछ बी नही रहता । हम उसे सांत्वना देते रहते है. उनकी शादी की चिंता हमें भी है, क्योकि हम भाई दोस्त है उनके ।

इस सावन में उनके लिए एक रिश्ता आया। उनके साथ हमारी भी बांछे खिल गई. क्यो न खिले मेरे यार की शादी की बात है. मैं पहुँच गया उसके घर।

लड़की वाले उसे देखने आए । उनकी तरफ़ से हा हो गई , मेरे दोस्त से पूंछा क्या आप लड़की को देखना चाहेंगे. दोस्त ने कहा हां...फिर क्या था मैं मेरा दोस्त और उसकी फॅमिली पहुँच गए लड़की वाले के घर।

अब लड़की और लड़के को अकेला छोड़ दिया एक दूसरे से बातें करने के लिए । हम भी साथ थे. इसलिए की kahin दोस्त की जुबान न फिसल जाए और मुश्किल से आया यह रिश्ता टूट जाए. भाभी जी ने पूछा की aap क्या कर रहे है. दोस्त ने जवाब दिया आपको देख रहे है. वे सकपकाई और chup हो गई. हमने दोनों की khamoshi को तोड़ते हुए बात को किसी तरह बनाया. बात पक्की हो गई. ish बरसात में श्ड़ी शादी ........दोस्त खुशी के मारे डूबने लगा. शादियों की तय्यारी शुरू हो चुकी थी।

अब बारात का दिन आ गया। उसकी शादी से इन्द्र भी खुश दिखाई दे रहे थे इशलिये तो भयंकर barsa रहे थे. भाई बरसते पानी में dullah तैयार हुआ. बरात निकली. दुल्हे के करीबी होने से हमें बाजू वाली सीट मिली. सावन बिफर रहा था. barati घबरा रहे थे. doolah के दिल में खुशियाँ अंगडाई ले रही थी. मगर भरी बारिश के चलते हमारी gadi फँस गई . doolahe valee गाड़ी पीछे थी और बाराती आगे. बारिश में मोबाइल भी काम नही कर रहे थे. ab समस्या vikatt हो गई. गाड़ी बुरी तरह फँसी थी. भाई धक्का लगाने की नौबत आ गयी. दुल्हे महाशय तो उतरे नही. हमें ही उतरना पड़ा. मगर अकेले के बस की बात कहा थी. gadee ने आगे कदम नही badhaya to dulhe जी gadii से utar कर धक्का लगाने लगे. dhhaka lagate lagate कब उनका सूट-बूट mitti palid हो गया पता ही नही chhala. हम दोनों ese लग रहे थे mano gare में loatkar आए हो . किसी तरह ससुराल पहुंचे to लड़की vallo को to छोडिये ख़ुद अपने vaalle pahchanne से इनकार कर बैठे. दोस्त ने कहा हम दुल्हे है. लोग मारने पर उतारू हो गए. हमें भी गुस्सा आ गया. पास में ही gaddhe में पानी भरा था . हमने फ़ौरन दोस्त के मुंह पर वह गन्दा पानी दाल दिया. kichad धुल गया. फिर क्या था सबने haton haat लिया. मगर vo bhulaye नही bhoola jub शादी में doolhe को ही pahchaanne से इंकार कर दिया. किसी तरह कपड़े बदले फिर jakar mandap नसीब हुआ. वाह रे शादी...अब मैंने यह तय कर लिया की baarish में शादी न करूंगा और न ही करने दूँगा.

6 comments:

  1. ढ़ंग रोचक है बतलाया जो दूल्हे की हालात।
    शादी ऐसी कौन करेगा जब होवे बरसात।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  2. हा हा हा बहुत बडिया शादी दिखाई आभार्

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  3. वे दुल्हन के लिए बेताब हुए जा रहे थे. उनकी बेचैनी भाई हमसे देखिनही जा रही थी।

    Lajwab rachna, badayi,,,

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  4. Mazedaar...!
    Anek shubhkamnayen!

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  5. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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